भारत में घरेलू क्रिकेट लीग IPL का 13वां संस्करण मार्च महीने से शुरू था लेकिन अब कोविड 19 महामारी के कारण इसे 14 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दिया गया है. अब ऐसी ख़बरें आ रहीं हैं कि आईपीएल-13 को अक्टूबर महीने तक टाला जा सकता है और हो सकता है कि इस वर्ष आयोजित भी ना हो सके.
BCCI की आय कितनी है (Sources of Income of BCCI)
BCCI, भारत में सबसे अमीर खेल बॉडी और दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड है. BCCI अपने वित्त के लिए भारत सरकार पर निर्भर नहीं है अर्थात यह अपनी आमदनी के सोर्स खुद सर्च करता है.
बीसीसीआई मुख्य रूप से आय के चार स्रोतों के माध्यम से अपना राजस्व कमाता है;
1. द्विपक्षीय श्रृंखला के लिए मीडिया (प्रसारण) अधिकार;
2. राष्ट्रीय टीम (जर्सी) स्पोंसर
3. सीरीज स्पोंसर
4. इंडियन प्रीमियर लीग के मीडिया अधिकार
IPL के लिए वैश्विक मीडिया अधिकारों को स्टार इंडिया ने 4 वर्षों (2018 से 2022) के लिए 16,347.5 करोड़ में खरीदा है.जबकि ऑफिसियल किट स्पोंसर के राइट्स नाइक (Nike) को 5 सालों (2016 से 2020) के लिए 370 करोड़ रुपये में बेचे गये हैं. इसके अलावा बायजू (BYJU) भारतीय क्रिकेट टीम आधिकारिक प्रायोजक बन गई उसने यह राइट्स सितंबर, 2019 से 31 मार्च, 2022 तक के लिए 1,079 करोड़ रुपये में खरीदे हैं.
अगले 5 वर्षों में खेले जाने वाले 25 तटस्थ मैदानों के लिए एक दिवसीय मैचों के मीडिया अधिकारों को 5 सालों के लिए 219.16 मिलियन डॉलर में ज़ी टेलिफिल्म्स को दिए गये हैं.
यहाँ पर यह भी बता दें कि BCCI अपने आप को एक धर्मार्थ संगठन (charitable organisation) के रूप में प्रदर्शित करता है और इस आधार पर वह आयकर में छूट का दावा करता है. हालाँकि आयकर विभाग ने उसे 1,303 करोड़ रूपये चुकाने का नोटिस भेजा हुआ है.
अगर आईपीएल को पूरी तरह से रद्द कर दिया गया था, तो बीसीसीआई को 3,869.5 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है. इसमें निम्न नुकसान शामिल हैं;
1. प्रसारण और स्ट्रीमिंग राजस्व का 3,269.5 करोड़ का नुकसान
2. सेंट्रल स्पोंसोर्शिप का नुकसान 200 करोड़ का
3. टाइटल स्पोंसोर्शिप का 400 करोड़ का नुकसान
स्टार इंडिया ने आईपीएल के मीडिया अधिकारों को पांच साल के लिए 16,347.5 करोड़ रुपये में खरीदा था, जबकि वीवो ने पांच साल के लिए 2,000 करोड़ रुपये में टाइटल प्रायोजन हासिल किया था.
आईपीएल कैंसिल होने से खिलाडियों को नुकसान: (Loss to Players from IPL 2020 Cancellation)
डफ एंड फेल्प्स के अनुसार, 2019 में आईपीएल की ब्रांड मूल्य 475 बिलियन रूपये (6.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर) थी. बीसीसीआई के अनुसार, 2015 के आईपीएल सीजन ने भारतीय अर्थव्यवस्था की जीडीपी में 11.5 बिलियन रूपये (160 मिलियन अमेरिकी डॉलर) का योगदान दिया था.
आईपीएल, यदि खेल नहीं तो पैसा नहीं की तर्ज पर खेला जाता है. आईपीएल फ्रैंचाइजी के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार,खिलाडियों को 15% पेमेंट टूर्नामेंट शुरू होने से एक हफ्ते पहले में दे दिया जाता है, 65% पेमेंट टूर्नामेंट के बीच में और 20% टूर्नमेंट खत्म होने के बाद निर्धारित समय के अंदर दी जाती है.
अब जब खेल ही नहीं होगा तो मीडिया राइट्स रखने वालों को कोई विज्ञापन नहीं मिलेगा, किट राइट्स और अन्य राइट्स रखने वालों को भी कोई फायदा नहीं होगा तो खिलाडियों के पेमेंट का खर्च कहाँ से आएगा.
इस प्रकार आईपीएल के कैंसिल होने से BCCI को अकेले 3,869.5 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है. इसके अलावा सभी खिलाडियों खासकर उन गरीब और युवा खिलाडियों को काफी नुकसान होगा जिनको 20, 50 या 60 लाख में खरीदा गया है और उनका यह पहला आईपीएल टूर्नामेंट था.
इसके अलावा आईपीएल में बड़ी मात्रा में रोजगार भी मिलता है जैसे विभिन्न टीमों की जर्सी, इत्यादि के अलावा होटल, रेस्टोरेंट्स और स्पोर्ट्स सामान बनाने वाली कंपनियों को भी नुकसान होगा.
उम्मीद है कि इस लेख को पढने के बाद आपको पता चल गया होगा कि यदि IPL 2020 का 13वां संस्करण रद्द होता है तो किसको कितना नुकसान हो सकता है?

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