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Showing posts from April 26, 2020

जानिये अगर गलत खाते में रूपये भेज दिए तो कैसे वापस पायें?

डिजिटल लेनदेन के समय में डिजिटल वॉलेट या किसी अन्य साधन का उपयोग करते समय कभी कभी गलत खाते में रुपये चले जाते हैं. यदि आप ठीक जानकारी रखते हैं तो आपको ये रुपये वापस मिल सकते हैं. आइये इस लेख में जानते हैं. जब डिजिटल लेनदेन की संख्या बढ़ रही है तो इस बात की संभावना भी अधिक है कि इन डिजिटल लेनदेन से ऐसा भी हो सकता है कि आप गलत आदमी को रुपये भेज दें. इस लेख में हम ऐसी ही एक समस्या के समाधान की चर्चा कर रहे हैं जिसमें यह बताया गया है कि यदि आप किसी गलत अकाउंट में रुपये भेज देते हैं तो फिर उनको वापस कैसे पायें?                                                                                                                                         ...

कॉर्पोरेट सोशल रेस्पोंसिबिलिटी किसे कहते हैं ?

कॉर्पोरेट सोशल रेस्पोंसिबिलिटी का सीधा मतलब कंपनियों को उनकी सामाजिक जिम्मेदारी के बारे में बताना है. भारत में कॉर्पोरेट सोशल रेस्पोंसिबिलिटी (CSR) के नियम अप्रैल 1, 2014 से लागू हैं. इसके अनुसार, जिन कम्पनियाँ की सालाना नेटवर्थ 500 करोड़ रुपये या सालाना आय 1000 करोड़ की या सालाना लाभ 5 करोड़ का हो तो उनको CSR पर खर्च करना जरूरी होता है. यह खर्च तीन साल के औसत लाभ का कम से कम 2% होना चाहिए  कॉर्पोरेट सोशल रेस्पोंसिबिलिटी क्या है (Corporate Social Responsibility Meaning):- जैसा कि हमें पता है कि कम्पनियाँ किसी उत्पाद को बनाने के लिए प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करती हैं, प्रदूषण को बढ़ावा देती हैं और अपनी जेबें भरतीं हैं; लेकिन इस ख़राब प्रदूषण का नुकसान समाज में रहने वाले विभिन्न लोगों को उठाना पड़ता है; क्योंकि इन कंपनियों की उत्पादक गतिविधियों के कारण ही उन्हें प्रदूषित हवा और पानी का उपयोग करना पड़ता है. लेकिन इन प्रभावित लोगों को कंपनियों की तरफ से किसी भी तरह का सीधे तौर पर मुआवजा नही दिया जाता है. इस कारण ही भारत सहित पूरे विश्व में कंपनियों के लिए यह अनिवार्य बना दिया गया...

Helicopter Money क्या होती है कब और क्यों प्रयोग में लाते हैं?

Helicopter Money शब्द को मिल्टन फ्रीडमैन ने दिया था. इसका मतलब होता है रुपये को प्रिंट करना और सीधे जनता को बाँट देना ताकि वे अपनी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ती कर सकें. यह प्रतीकात्मक रूप से हेलीकाप्टर से पैसा बरसाने जैसा ही है क्योंकि जनता को इस अप्रत्याशित धन की उम्मीद नहीं थी. Helicopter Money का उपयोग किसी संघर्षरत अर्थव्यवस्था को एक गहरी मंदी से बाहर निकालने के इरादे से किया जाता है. आज जब कोरोना वायरस के कारण पूरी दुनिया में वैश्विक मंदी की आहट शुरू हो चुकी है. इसका सबसे बड़ा कारण नौकरियों में बड़ी संख्या में कटौती होना है. इसके कारण लोगों की क्रयशक्ति कम हुई है, जिसके कारण अर्थव्यवस्था के हर सेक्टर में मांग गिर रही है और परिणामतः अर्थव्यवस्थायें मंदी में फंसती दिख रहीं हैं इसी मंदी की अवस्था से अर्थव्यवस्था को निकालने के लिए बहुत से वित्तीय उपाय सरकार द्वारा किये जाते हैं जिन्हें राजकोषीय और मौद्रिक उपाय कहा जाता है. इन्हीं मौद्रिक उपायों में एक उपाय है Helicopter Money जिसके द्वारा अर्थव्यवस्था को मंदी में फंसने से रोका जाता है. हेलीकॉप्टर मनी क्या होती है? (What is He...

भारतीय पुलिस की वर्दी का रंग खाकी क्यों होता है?

भारतीय पुलिस हमारी कानून व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. पुलिस हमारी सुरक्षा के लिए हमेशा तैनात रहती है. आमतौर पर हम पुलिस की पहचान उनकी वर्दी से करते है. परन्तु क्या आपने कभी सोचा है कि पुलिस की वर्दी का रंग खाकी ही क्यों होता है. कैसे पुलिस वर्दी या यूनिफार्म की शुरुआत हुई थी. आइये इस लेख के माध्यम से यह जानने की कोशिश करते हैं. हर देश में अपनी ही एक कानून व्यवस्था बनाने के लिए पुलिस का गठन किया जाता है. यह पुलिस ही है जिसकी वजह से हम सब चैन की नींद सो पाते है. कोई भी त्यौहार हो, दिन हो या रात पुलिस हमारी सुरक्षा के लिए हमेशा तैनात रहती है. आमतौर पर हम पुलिस की पहचान उनकी वर्दी या यूनिफार्म से ही तो करते है. पुलिस की खाकी वर्दी उनकी बड़ी पहचान मानी जाती है. बस फर्क इतना होता है कि कही पर इसका रंग थोड़ा हल्का होता है तो कहीं पर थोड़ा गहरा. दूर से ही देख कर लोग पहचान जाते है कि पुलिस आ रही है. परन्तु क्या आपने कभी सोचा है कि पुलिस की वर्दी का रंग खाकी ही क्यों होता है. इसको कोई और रंग या कलर क्यों नहीं दिया गया. आइये इस लेख के माध्यम से यह जानते है कि पुलिस की वर्दी का रंग खाक...

BS6 V/S BS4 अन्तर जाने

भारत स्टेज एमिशन स्टैंडर्ड्स को 2000 में पेश किया गया था. ये एमिशन स्टैंडर्ड्स हैं जिसे केंद्र सरकार तय करती है. ये एमिशन स्टैंडर्ड्स इंटरनल कंबशन इंजन इक्विपमेंट (मोटर व्हीकल शामिल) से निकलने वाले वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए तय किए जाते हैं. अलग-अलग नॉर्म्स केंद्रीय प्रदूषण नियन्त्र बोर्ड   द्वारा निर्धारित समयरेखा और मानकों के अनुसार लागू किए जाते हैं, जो पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत आता है. BS के संबंध एमिशन स्टैंडर्ड से है. BS यानी भारत स्टेज से पता चलता है कि आपकी गाड़ी कितना प्रदूषण फैलाती है. बीएस के जरिए ही भारत सरकार गाड़ियों के इंजन से निकलने वाले धुएं से होने वाले प्रदूषण को रेगुलेट करती है. BS के साथ जो नंबर होता है उससे ये पता चलता है कि इंजन कितना प्रदूषण फैलाता है. यानी जितना बड़ा नंबर उतना कम प्रदूषण. इसी तर्ज पर  BS3, BS4 और BS6 निर्धारित किया जाता है. BS6 के फायदे BS-6 लागू होने के बाद प्रदूषण को लेकर पेट्रोल और डीजल कारों के बीच ज्‍यादा अंतर नहीं रह जाएगा. डीजल कारों से 68 फीसदी और पे...