Skip to main content

कश्मीरी केसर को GI टैग दिया गया: जानिये भौगोलिक संकेत (GI) टैग क्या होता है?

भौगोलिक संकेत एक नाम या निशान होता है जो किसी निश्चित क्षेत्र विशेष के उत्पाद, कृषि, प्राकृतिक और निर्मित उत्पाद (मिठाई, हस्तशिल्प और औद्योगिक सामान) को दिया जाता है.कश्मीरी केसर को भौगोलिक संकेत (GI) टैग दिया गया है. अब कश्मीरी केसर को बाजार में अलग पहचान मिल सकेगी.

आपने सुना होगा कि मथुरा के पेडे, आगरा का पेठा, दार्जिलिंग चाय, बनारस और कांजीवरम की साड़ी भारत में इन्ही नामों से बहुत प्रसिद्द है और हर दुकानदार इन्ही नामों के साथ अपने उत्पादों को बेचना चाहता है. इसे भौगोलिक संकेत (GI) टैग कहा जाता है. भारत में अब तक लगभग 300 से ज्यादा प्रोडक्ट्स को GI मिल चुका है.

भौगोलिक संकेत (GI) टैग क्या होता है? (What is Meaning of Geographical Indications Tag)

भौगोलिक संकेत एक नाम या निशान होता है जो किसी निश्चित क्षेत्र विशेष के उत्पाद, कृषि, प्राकृतिक और निर्मित उत्पाद (मिठाई, हस्तशिल्प और औद्योगिक सामान) को दिया जाने वाला एक स्पेशल टैग है. यह स्पेशल क्वालिटी और पहचान वाले उत्पाद जो किसी विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्र में उत्पन्न होने वाले को दिया जाता है.
जिस भी किसी क्षेत्र को यह टैग दिया जाता है उसके अलावा किसी और को इस नाम को इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होती है.


इस टैग को ज्योग्राफिकल इंडिकेशन ऑफ़ गुड्स (रजिस्ट्रेशन और प्रोटेक्शन) एक्ट,1999  (Geographical Indications Act) के तहत जारी किया जाता है. कश्मीरी केसर को GI टैग, ज्योग्राफिकल इंडिकेशन रजिस्ट्री ने डायरेक्टरेट ऑफ़ एग्रीकल्चर,जम्मू कश्मीर सरकार को दिया है.

कश्मीरी केसर को GI टैग क्यों लेना पड़ा? (Why Kashmiri saffron has to take GI Tag)

दरअसल, दुनिया में सबसे अधिक केसर उत्पादन करने वाला देश ईरान है जो कि जो हर साल 30,000 हेक्टेयर भूमि पर 300 टन से अधिक केसर की खेती करता है. इसके अलावा स्पेन, अफग़ानिस्तान ख़राब क्वालिटी का केसर कम कीमत में बेचते हैं. जिसके कारण कश्मीरी केसर की कीमत लगभग 50% तक गिर गई हैं.

चूंकि कश्मीरी केसर पूरी दुनिया में सबसे अधिक उच्च क्वालिटी का माना जाता है. कश्मीरी केसर अन्य देशों के केसर से अलग हैं कश्मीरी केसर जैसे उच्च सुगंध, गहरे रंग, लंबे और मोटे धागे (कलंक) के कारण अधिक औषधीय मूल्य वाले गुणों में श्रेष्ठ माना जाता है.
कश्मीरी केसर को GI टैग मिलने के फायदे (Benefits of GI Tag to Kashmir Saffron)
कश्मीरी केसर को GI टैग मिलने के बाद यहाँ के उत्पादक अपने पैकेजिंग में यह लिख सकते हैं कि यह कश्मीरी उत्पाद है अर्थात यह उच्च क्वालिटी का है और इसलिए लोगों को यह विश्वास हो जायेगा कि इस उत्पाद के लिए ज्यादा कीमत देना भी गलत नहीं है.
इस प्रकार GI टैग मिलने से कश्मीरी केसर की बाजार में अलग पहचान बनेगी, बिक्री बढ़ेगी और इसका उत्पादन करना भी फायदेमंद होगा.
कश्मीरी केसर कहाँ पैदा होता है? (Where Kashmir Saffron Produced?)
कश्मीर में मुख्यतः 3 तरह का केसर पैदा किया जाता है, गुच्छी केसर, लच्छा केसर और मोंगरा केसर. इसका उत्पादन कश्मीर में लगभग पहली शताब्दी ई.पू. से पैदा किया जा रहा है.
कश्मीरी केसर का उत्पादन समुद्र तल से औसतन 1600 मीटर से 1800 मीटर की ऊँचाई पर उगाया जाने वाला एकमात्र केसर है. यह मुख्य रूप से पुलवामा, बडगांव, किस्तवार और श्रीनगर में पैदा किया जाता है. 
उम्मीद है कि इस लेख को पढने एक बाद आप समझ गये होंगे कि आखिर यह GI टैग क्या होता है और इसके मिलने से क्या फायदे होते हैं?

Comments

Popular posts from this blog

भारतीय पुलिस की वर्दी का रंग खाकी क्यों होता है?

भारतीय पुलिस हमारी कानून व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. पुलिस हमारी सुरक्षा के लिए हमेशा तैनात रहती है. आमतौर पर हम पुलिस की पहचान उनकी वर्दी से करते है. परन्तु क्या आपने कभी सोचा है कि पुलिस की वर्दी का रंग खाकी ही क्यों होता है. कैसे पुलिस वर्दी या यूनिफार्म की शुरुआत हुई थी. आइये इस लेख के माध्यम से यह जानने की कोशिश करते हैं. हर देश में अपनी ही एक कानून व्यवस्था बनाने के लिए पुलिस का गठन किया जाता है. यह पुलिस ही है जिसकी वजह से हम सब चैन की नींद सो पाते है. कोई भी त्यौहार हो, दिन हो या रात पुलिस हमारी सुरक्षा के लिए हमेशा तैनात रहती है. आमतौर पर हम पुलिस की पहचान उनकी वर्दी या यूनिफार्म से ही तो करते है. पुलिस की खाकी वर्दी उनकी बड़ी पहचान मानी जाती है. बस फर्क इतना होता है कि कही पर इसका रंग थोड़ा हल्का होता है तो कहीं पर थोड़ा गहरा. दूर से ही देख कर लोग पहचान जाते है कि पुलिस आ रही है. परन्तु क्या आपने कभी सोचा है कि पुलिस की वर्दी का रंग खाकी ही क्यों होता है. इसको कोई और रंग या कलर क्यों नहीं दिया गया. आइये इस लेख के माध्यम से यह जानते है कि पुलिस की वर्दी का रंग खाक...

कॉर्पोरेट सोशल रेस्पोंसिबिलिटी किसे कहते हैं ?

कॉर्पोरेट सोशल रेस्पोंसिबिलिटी का सीधा मतलब कंपनियों को उनकी सामाजिक जिम्मेदारी के बारे में बताना है. भारत में कॉर्पोरेट सोशल रेस्पोंसिबिलिटी (CSR) के नियम अप्रैल 1, 2014 से लागू हैं. इसके अनुसार, जिन कम्पनियाँ की सालाना नेटवर्थ 500 करोड़ रुपये या सालाना आय 1000 करोड़ की या सालाना लाभ 5 करोड़ का हो तो उनको CSR पर खर्च करना जरूरी होता है. यह खर्च तीन साल के औसत लाभ का कम से कम 2% होना चाहिए  कॉर्पोरेट सोशल रेस्पोंसिबिलिटी क्या है (Corporate Social Responsibility Meaning):- जैसा कि हमें पता है कि कम्पनियाँ किसी उत्पाद को बनाने के लिए प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करती हैं, प्रदूषण को बढ़ावा देती हैं और अपनी जेबें भरतीं हैं; लेकिन इस ख़राब प्रदूषण का नुकसान समाज में रहने वाले विभिन्न लोगों को उठाना पड़ता है; क्योंकि इन कंपनियों की उत्पादक गतिविधियों के कारण ही उन्हें प्रदूषित हवा और पानी का उपयोग करना पड़ता है. लेकिन इन प्रभावित लोगों को कंपनियों की तरफ से किसी भी तरह का सीधे तौर पर मुआवजा नही दिया जाता है. इस कारण ही भारत सहित पूरे विश्व में कंपनियों के लिए यह अनिवार्य बना दिया गया...

how to choose best mobile for upgrade

What else must you look out for? Yearly upgrade deals typically involve terms and conditions which will create them impractical or to a fault costly. as an example, they need you to require out a brand new 24-month contract when the primary year so as to induce a brand new phone, or need you keep on with a similar or a better monthly price, that may well be notably frustrating if you would like to upgrade to a less expensive phone, or need less minutes or information. Also, be cautious of specifically however the prices ar weakened. as an example, Sky's Swap upgrade arrange could involve you continued to repay the phone when the initial twelve or twenty four month amount, reckoning on whether or not you choose to send the phone back to them. How does one total the most effective deal? If you would like the pliability of having the ability to upgrade yearly, it’s necessary to grasp specifically what quantity you’re paying for the phone over the length of the contract, what quantity ...