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क्राउडफंडिंग: मीनिंग, प्रकार और लाभ

क्राउडफंडिंग (Crowdfunding) व्यक्तिगत निवेशकों की एक बड़ी संख्या के सामूहिक प्रयासों के माध्यम से धन इकठ्ठा करने की एक विधि है. क्राउडफंडिंग मुख्य रूप से सोशल मीडिया और वेबसाइटों के माध्यम से ऑनलाइन की जाती है. क्राउडफंडिंग के प्रकार और लाभों को जानने के लिए इस लेख को पढ़ें.


आपने कई खबरें सुनी होंगी कि एक पुरुष या महिला ने अपने पिता या परिवार के अन्य सदस्यों के इलाज के लिए इंटरनेट के माध्यम से लाखों डॉलर जुटाए हैं. दरअसल यह कलेक्शन क्राउडफंडिंग के जरिए किया जाता है.

हाल ही में, हैदराबाद में एक 11 साल की लड़की ने देश में कोरोना महामारी के कारण कई गरीब लोगों को खिलाने के लिए सामूहिक धन या क्राउडफंडिंग के माध्यम से 6.2 लाख रुपये जुटाए हैं. 

क्राउडफंडिंग का अर्थ क्या है (What is the meaning of Crowdfunding):-

क्राउडफंडिंग बड़ी संख्या में व्यक्तिगत निवेशकों के सामूहिक प्रयासों के माध्यम से पूंजी जुटाने की एक विधि है. क्राउडफंडिंग मुख्य रूप से सोशल मीडिया और वेबसाइटों के माध्यम से ऑनलाइन की जाती है.

इसलिए क्राउडफंडिंग मूल रूप से इंटरनेट या इस तरह की समर्पित वेबसाइटों के माध्यम से कई लोगों से छोटी मात्रा में धन जुटाकर किसी परियोजना या उद्यम को वित्तपोषित करने की विधि है.

क्राउडफंडिंग का उपयोग उद्यमशीलता के उपक्रमों जैसे कि कलात्मक और रचनात्मक परियोजनाओं और स्टार्ट अप आदि के लिए फंड की व्यवस्था करने के लिए भी किया गया है.
एक अनुमान के अनुसार, 2015 में क्राउडफंडिंग द्वारा दुनिया भर में 34 बिलियन अमेरिकी डॉलर जुटाए गए थे

क्राउडफंडिंग के प्रकार (Basically there are three types of crowdfunding)

क्राउडफंडिंग के मुख्य तीन प्रकार हैं;

1. इक्विटी क्राउडफंडिंग आधारित (Equity Based Crowdfunding)

2. रिवॉर्ड आधारित क्राउडफंडिंग (Reward Based Crowdfunding)

3. डोनेशन आधारित क्राउडफंडिंग (Donation based Crowdfunding)

आइये अब इन्हें एक एक करके समझते हैं.


1. ईक्विटी बेस्ड क्राउडफंडिंग(Equity Based Crowdfunding):- इक्विटी क्राउडफंडिंग योगदानकर्ताओं को इक्विटी शेयरों के  द्वारा कंपनी के हिस्से का मालिक बनने के अनुमति देता है.

इक्विटी मालिकों को उनके योगदान के अनुपात में एक वित्तीय रिटर्न (लाभांश या वितरण के रूप में लाभ का हिस्सा) प्राप्त होता है. यह क्राउडफंडिंग का सबसे लोकप्रिय रूप है.

2. रिवॉर्ड आधारित क्राउडफंडिंग (Reward Based crowdfunding): - रिवार्ड आधारित क्राउडफंडिंग, में जो व्यक्ति या संस्था फण्ड में योगदान देता है उसको फण्ड प्राप्त करने वाली कंपनी के द्वारा उत्पाद या सेवा (जिसे कंपनी बनाती या बेचती है) का रिवॉर्ड दिया जाता है.

इस प्रकार के फंडिंग में निर्माता और निवेशक के बीच कोई फर्क नहीं पड़ता है अर्थात अमेरिका में बैठा व्यक्ति फण्ड दे सकता है और पुरस्कार भी प्राप्त कर सकता है. पुरस्कार आधारित क्राउडफंडिंग की विशेषताओं को गैर-इक्विटी क्राउडफंडिंग के रूप में जाना जाता है.

इस प्रकार की फंडिंग का उपयोग कई मामलों (crowdfunding) example) में किया जाता है जैसे; फ्री सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, मोशन पिक्चर प्रमोशन, वैज्ञानिक अनुसंधान, नागरिक परियोजनाएं और नए आविष्कार आदि.

3. डोनेशन आधारित क्राउडफंडिंग (Donation based Crowdfunding): - इस प्रकार के डोनेशन में एक बड़ी संख्या में योगदानकर्ताओं से बिना किसी लालच/रिटर्न के व्यक्तिगत रूप से एक छोटी राशि दान करने के लिए कहा जाता है.

इस प्रकार की फंडिंग मुख्य रूप से सामाजिक कारणों से की जाती है और इस तरह की फंडिंग के बदले में कुछ भी अपेक्षित नहीं होता है. 
इस तरह की फंडिंग मुख्य रूप से; प्राकृतिक आपदाएँ, आपदा राहत, दान और चिकित्सा बिल इत्यादि के लिए की जाती है.

इस विधि के तहत, एक 11 वर्षीय हैदराबादी लड़की ने COVID 19 से प्रभावित लोगों के कल्याण के लिए 6.2 लाख रुपये की व्यवस्था की है.

क्राउडफंडिंग के लाभ (Benefits of Crowdfunding):-

1. यह कई नए विचारों को खोजना प्रदान करता है

2. यह देश में कई नए स्टार्ट अप्स को प्रोत्साहन प्रदान करता है.

3. क्राउडफंडिंग प्राकृतिक आपदाओं के समय सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने में सहायक होता है.

4. यह उन गरीब लोगों के लिए धन की व्यवस्था करने में भी सहायक है जो कैंसर और किडनी प्रत्यारोपण आदि जैसी गंभीर बीमारियों का खर्च वहन नहीं कर सकते हैं.

5. ऑनलाइन क्राउडफंडिंग के बारे में सबसे अच्छी बात यह है कि यह धन उगाहने वाले प्रयासों को सफल और आसान बनाता है.

तो यह थी जानकारी क्राउडफंडिंग के अर्थ और प्रकारों के बारे में. लेकिन सूचना प्रौद्योगिकी क्रांति के युग में, साइबर अपराध के कई मामले हो रहे हैं. इसलिए दानवीरों को दान आधारित फंडिंग में भाग लेने से पहले अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है. क्योंकि कई मामलों में लोग फर्जी तरीके से बीमारी के बहाने लोगों से पैसे उगाह लेते हैं और कुछ लोग तो केवल विदेशों में महंगा इलाज कराने के लिए फण्डरेजिंग का सहारा लेते हैं. 

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