कंपनियों को आसान और सस्ती दरों पर लोन उपलब्ध कराया जाता है जिससे वे नयी मशीनरी और कच्चा माल खरीदते हैं.
कंसोल बांड या परपेचुअल बॉन्ड क्या होता और इसे वॉर बांड क्यों कहा जाता है?
इस पैकेज में देश में निवेश करने वाली कंपनियों को लुभाने के उपाय शामिल होते हैं इसमें देश में निवेश की शर्तों को आसान बनाया जाता है और किसी प्रोजेक्ट को स्टार्ट करने के लिए जल्दी अप्रूवल दिए जाते हैं.
किसानों को राहत के तौर पर खाद, बीज और टेक्निकल इक्विपमेंट खरीदने के लिए सस्ता लोन दिया जाता है, जो किसान कर्ज में दबे हैं उनके कर्ज की माफ़ी भी की जाती है.
‘मजदूर वर्ग के लिए रोगजार और ट्रेनिंग के अवसर उपलब्ध कराये जाते हैं और उन्हें बहुत कम दामों पर और फ्री में भी खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है.
इसी प्रकार से इस आर्थिक पैकेज के माध्यम से देश में आर्थिक वातावरण को ठीक किया जाता है और सभी वर्गों के हितों का ध्यान रखा जाता है.
आर्थिक पैकेज क्यों दिया जाता है (Why is Economic Package given?)
कोरोना महामारी के कारण पूरी दुनिया में आर्थिक गतिविधियाँ ठप्प हैं जिसके कारण लोगों की नौकरियां जा रहीं हैं और परिणामतः पूरे विश्व में वस्तुओं और सेवाओं की मांग घट रही है जिसके कारण सरकार को मिलने वाले विभिन्न कर जैसे उत्पाद कर, बिक्री कर, आय कर, संपत्ति कर और अन्य अप्रत्यक्ष कर नहीं मिल पा रहे हैं और सरकार का खजाना भरने के बजाये खाली होता जा रहा है.
इसलिए सरकार इस बुरे कुचक्र को तोड़ने के लिए आर्थिक पैकेज देती है जिससे कि कम्पनियों के ऊपर ‘कर भार’ कम हो जिसके कारण वे अपनी उत्पादन गतिविधियाँ चालू कर सकें और ज्यादा लोगों को रोजगार दे सकें. इस प्रकार आर्थिक पैकेज के कारण एक सकारात्मक चक्र के द्वारा अर्थव्यवस्था दुबारा पटरी पर आ जाएगी.
उम्मीद है कि इस 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज से देश में बैंकिंग, कृषि, मध्यम एवं लघु क्षेत्र के उद्योगों, विदेशीं निवेशकों, खुदरा व्यापारियों सभी को लाभ मिलेगा और देश इस आपदा की घडी से सीख लेते लिए इस आपदा को अवसर में बदलने की दिशा में आगे बढेगा.


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